मंदिर में फेंके गोमांस, तनाव जारी

मंदिर में फेंके गोमांस, तनाव जारी

 

21-121-2

नौगाँव, २ अगस्त २०१४, – नौगाँव जिले के धिंग शहर के बीचों बीच धिंग बाजार स्थित शनि मंदिर में गत रात को कुछ शरारती तत्वों द्वारा गौमांस फेंकने और ISIL के नाम से पोस्टर लगाने को लेकर लोग अपनी दुकान-बाजार बंद कर सड़क पर उतर आए तथा नौगाँव- धिंग सड़क जाम कर दिया। आज तड़के एक व्यापारी ने मंदिर के अंदर गोमांस और हड्डी गिरा देखकर स्थानीय लोगों को अवगत कराया। इस कार्य से लोग भड़क गए। लोगों का गुस्सा उस समय और बढ़ गया जब वे मंदिर के द्वार पर ISIL  के नाम से ह्स्तलिखित एक पोस्टर प्रत्यक्ष किया। जिस पर लिखा था- इस जगह से शनि-वनि मंदिर हटाना पड़ेगा। मुसलमानों की दुकानों के ४०-५० मिटर इलाके में कोई मंदिर रहा तो उसे तोड़ दिया जाएगा। मंदिर के कारण मुसलमान ग्राहक हमारी दुकानों में नहीं आते। चूंकि धिंग मुसलमान बहुल इलाका है इसलिए इस जगह पर एक बड़ी गोमांस की दुकान होनी चहिए।

पोस्टर पर धिंग बाजारपट्टी में रहने वाले सभी मुसलमानों से एकजुट होने और सभी मंदिरों को तोड़कर उन जगहों पर मस्जिद बनाने का आह्वान किया गया। ‘Islam is peace and unity, All Islam immediately join ISIL movement.’ के जिक्र के साथ मुसलमान व्यापारियों के तरफ से बाहारुल इसलाम, ताइजुर इसलाम, आः गफूर, कितात अली, जलील उद्दिन के नाम और २ अगस्त तारीख का उल्लेख था। पोस्टर के उपरी कोने में चाँद-तारे का चित्र भी अंकित था। इस गहमा गहमी के बीच दूरसंचार कम्पनी का एक कर्मचारी श्रीसंजीव कलिता अपने कार्यस्थल जाते समय रास्ते में कुछ बदमाशों ने उन्हे रोक कर मार पीट की और उनकी मोटर साइकिल को भी क्षति पहुँचाई। इस घटना ने धिंग के गुस्साए लोगों में आग में घी डालने का काम किया। तनाव बढ़ते देखकर पुलिस बल तैनात कर दी गई। कुछ लोग पुलिस पर पत्थर बाजी शुरु कर दी। इस पर पुलिस को लाठी चार्ज करनी पड़ी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नौगाँव जिला के उपायुक्त डॉ पी अशोक बाबू और पुलिस अधीक्षक श्री अरविंद कलिता भी घटनास्थल पहुँचे। माहौल बिगड़ता देख दोपहर १ बजे से अगले दिन दोपहर १२ बजे तक २३ घण्टे का कर्फ्यू जारी कर दिया गया तथा पोस्टर पर उल्लेखित बाहारुल इसलाम और आः गफूर को पुलिस अपने हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ कर रही है।

गौर तलब है कि धिंग शहर के निकट ही बटद्रवा (बरदोवा) में महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव का जन्म स्थान है और यहाँ सत्र- नामघर आदि है। तथा सत्र के नाम से विशाल भूमि भी है जिसपर आए दिन अवैध बांग्लादेशियों द्वारा हथियाने की खबरें प्रकाशित होती रहती हैं। इस घटना से सत्र- नामघर तथा अन्य मठ और नामघरों पर भी खतरा मंडरा रहा है। अगर समय रहते प्रशासन कड़ी कदम न उठाए तो कुछ भी हो सकता है – ऐसा स्थानीय लोगों का कहना है।