Articles Posted in the " हिन्दी " Category

  • तवांग को भारत का हिस्सा बनाने वाले गुमनाम हीरो मेजर रालेंगनाओ बॉब खातिंग

    स्वतंत्रता के पश्चात सत्ताधीशों ने कम्युनिस्टों को अपने गुणगान और भारतीय इतिहास के साथ छेड़छाड़ का जो मनमाना लाइसेंस दिया, उसने भारत के सांस्कृतिक गौरव ही नहीं राष्ट्रनायकों को भी गुमनामी में डालने का काम किया. भारत के प्रवेश द्वार हिमालय की कन्दराओं में स्थित पूर्वोत्तर क्षेत्र में भी ऐसे पराक्रमी वीर हुए, जिनकी जयगाथा […]





  • नकली नोटों की तस्करी के मामले में एनआईए ने आरोप पत्र दायर किया

    नई दिल्ली. एनआईए ने बांग्लादेश से नकली भारतीय नोटों की तस्करी में शामिल एक आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है. एनआईए प्रवक्ता ने बताया कि मामले में तीसरा पूरक आरोप पत्र पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के सलीम एसके के खिलाफ पटना में एनआईए की विशेष अदालत के समक्ष दायर किया गया. मामला […]


  • श्रीराम केवल भारत के नहीं, संपूर्ण विश्व के हैं – दिनेश चंद्र

    मेरठ. मासिक जागरण पत्रिका #राष्ट्रदेव के विशेषांक श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण “संकल्प हुआ साकार” का आज विमोचन हुआ. मुख्य वक्ता विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक दिनेश चंद्र ने कहा कि भगवान श्रीराम केवल भारत के ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के हैं. अनेक देशों में भगवान श्रीराम के मंदिर व मूर्तियां मिल जाएंगी. इसीलिए अयोध्या में […]


  • चिटफंड कंपनियों को भाती बंगाल की आबोहवा

    चिटफंड कंपनियों के लिए पश्चिम बंगाल का राजनीतिक माहौल अनुकूल रहा है. राज्य में 70 से 80 के दशक के बीच चिटफंड कंपनियों ने फलना-फूलना शुरू किया. ये कंपनियां पोंजी स्कीम चलाती थीं, कालांतर में लगभग सभी कंपनियां बंद हो गईं. वर्ष 1980 में बंगाल में संचयिता चिटफंड घोटाला हुआ था और यह देश का पहला […]


  • 30 दिसंबर / बलिदान दिवस – मेघालय का क्रांतिवीर उक्यांग नागवा

    नई दिल्ली. उक्यांग नागवा मेघालय के एक क्रान्तिकारी वीर थे. 18वीं शती में मेघालय की पहाड़ियों पर अंग्रेजों का शासन नहीं था. वहां खासी और जयन्तियां जनजातियां स्वतन्त्र रूप से रहती थीं. इस क्षेत्र में आज के बांग्लादेश और सिल्चर के 30 छोटे-छोटे राज्य थे. इनमें से एक जयन्तियापुर था. अंग्रेजों ने जब यहां हमला […]


  • अब पत्थर बन कर बरस रहा है, सीएए विरोधी आंदोलन के दौरान भरा गया जहर

    सीएए विरोधी आंदोलन के दौरान मुस्लिम समाज की लामबंदी अब प्रशासन और आम नागरिकों के लिए सरदर्द बन रही है. सीएए विरोधी आंदोलनों के दौरान मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में शाहीन बाग की तर्ज पर सड़क जाम करके आंदोलन हुआ था. इन आंदोलनों में मुस्लिम समाज के मन में जहर भरा गया, भड़काऊ भाषण और […]